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success story of charles kemmons wilson,theinterview.in

नई दिल्ली.
जीवन में कठिनाई सभी के सामने आती हैं लेकिन उससे किस तरह से निकलकर आगे बढ़ते हैं यह बड़ी बात है. अगर दृढ़ निश्चय के साथ कोई भी काम किया जाए तो सफलता अवश्य मिलती है. कुछ ऐसी ही कारनाम कर दिखाया मेंफिस, यूएसए के चार्ल्स केमोन्स विल्सन की. वे जिस सिनेमा हॉल के बाहर पॉपकार्न बेचते थे बाद में उसे खरीद लिया. अभी उनके पास 11 सिनेमा हॉल और हॉलिडे इन होटल्स श्रृंखला के फाउंडर हैं. आइए जानते हैं उनकी सक्सेस के बारे में आखिर कैसे वो इस मुकाम तक पहुंचे.

नौ महीने का था, तभी मेरे पिता का देहांत हो गया और मेरी मां मुझे लेकर अपने गृहनगर मेम्फिस लौट आईं. बचपन से ही चाल्र्स छोटे-मोटे काम करके पैसे कमाने लगा और मां की मदद करने लगा. 17 वर्ष की उम्र में रोजी-रोटी कमाने के लिए उसे पढ़ाई छोडऩी पड़ी, क्योंकि महामंदी के चलते चाल्र्स केमोन्स विल्सन की मां की नौकरी चली गई थी.

इसके बाद चार्ल्स ने मेम्फिस में सिनेमा हॉल के बाहर पॉपकॉर्न बेचने का काम शुरू किया. पॉपकॉर्न की बिक्री इतना बढ़ गई कि सिनेमा हाल के मालिक को टिकटों की बिक्री से जितनी कमाई नहीं होती थी, उससे ज्यादा चाल्र्स की कमाई होने लगी. ये सिनेमा हॉल के मालिक को बर्दाश्त नहीं हुआ और उसने चाल्र्स को वहां पॉपकॉर्न बेचने से मना कर दिया.

इस घटना के बाद भी चाल्र्स ने हार नहीं मानी बल्कि इससे उसे और हिम्मत मिली. चार्ल्स ने पिनबॉल मशीनों और सिगरेट वेंडिंग मशीनों का प्रबंध किया और अपनी कमाई का कुछ हिस्सा उस स्थान के मालिकों को देने लगा. इसके अलावा उसने आइसक्रीम स्टोर भी खरीदा. चाल्र्स की कमाई बढऩे लगी और यहीं से शुरू हुआ सिनेमा घर खरीदने का सिलसिला. विभिन्न शहरों में उसने ११ सिनेमा हॉल्स खरीदे.

बाद में चार्ल्स ने अपने व्यवसाय के विस्तार के लिए अपने घर की जमानत पर घर की लागत से ज्यादा रकम उधार ले ली. यह उसके लिए जीवन को बदलने वाला अनुभव था. उसके बाद तो चाल्र्स कई अन्य व्यवसाय में भी उतर आया.

सफल होने के लिए अवसरों पर ध्यान दें

एक बार चार्ल्स परिवार के साथ वाशिंगटन डीसी जा रहा था. रास्ते में उसे अच्छे और गुणवत्ता पूर्ण होटल नहीं मिले. उसे अपने बच्चों को अपने साथ कमरे में रखने के लिए अतिरिक्त पैसे देने पड़े. तभी चाल्र्स केमोन्स ने ठान लिया कि मैं पूरे देश में अच्छे और गुणवत्ता पूर्ण होटल बनाऊंगा, जिसमें छुट्टियां बिताने के लिए लोग बार-बार आना पसंद करेंगे. और इस तरह ‘होलीडे इनÓ शृंखला की शुरुआत हुई.

चार्ल्स के अनुसार मेरी समझ से सबसे ज्यादा सफल लोग वे हैं, जो अपने काम और अपने परिवार पर गर्व करते हैं. धन कमाना अच्छी बात है, लेकिन पैसा ही सब कुछ नहीं है. गलतियां सबसे होती हैं, मैंने स्वयं कई गलतियां कीं, लेकिन सबसे बड़ी गलती (गलतियों पर बहुत ज्यादा परेशान होना) मैंने कभी नहीं की. सफल होने के लिए अवसरों पर ध्यान देना चाहिए. काम ही वह मास्टर की है, जो अवसरों के दरवाजे खोलती है. सफल होने के लिए अवसरों पर ध्यान देना चाहिए. काम ही वह मास्टर की है, जो अवसरों के दरवाजे खोलती है.

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